Saturday, 28 February 2015

vikas ke liye sdke nilaam

गोबिन पानसरे की हत्या ने सरकार और टोल माफियाओ की सांठ गाँठ उजागर करदी !कामरेड पानसरे
लम्बे समय से टोल नीति के खिलाफ संघर्ष रत थे !महाराष्ट्र सरकार की पानसरे व् उनकी पत्नी के हमला
वरो को पकड़ने में दिलाई संदेह को जन्म देती हे ! विकास के नाम पर सड़के नीलाम कर जबरिया वसूली का धंदा गुजरात से चलकर सारे देश में फेल रहा हे ! पुरानी सरकारों ने यदि लूट खसोट की छूट देकर सड़के बनवादी होती तो इनके लिए कोई सड़क न बचती ! हाइवे तो ठीक गल्ली मोहल्ला भी जनभागीदारी
पर निर्भर हे !तो सरकार क्या करेगी झाड़ू लगाएगी इसके लिए भी प्रधान मंत्री मुख्यमंत्री को आना पड़ेगा
प्रशासनिक अमले से ठीक ठाक सफाई कराले इतनी कूबत भी इनमे नही हे !
था एक ही उल्लू काफी बर्बाद गुलिस्ता करने को ! हर शाख पे उल्लू बैठा हे अंजाम गुलिस्ता क्या होगा !
कड़वा सच !
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modi ki mushkil

सत्यता चाहे जो हो यह तो शाश्वत सत्य हे की शिवराज के नेतृत्ववाली सरकार में फर्जीवाड़ा हुआ और प्रतिभाशाली छात्रों के साथ खिलवाड़ प्रदेश के मुख्यमंत्री को नैतिक जवाबदारी मानते हुए स्तीफा दे देना चाहिए था !और नही दिया तो हाइकमान को ले लेना चाहिये क्योकि देश की जनता ने फर्जीवाड़े और घोटालो में चुप्पी साधने वाली सरकार के खिलाफ मोदीजी को यह जानने और समझने के बाद ही इतना विशाल जन समर्थन दिया की अछे दिन लाने के लिए सत्ता और संगठन के प्रति कठोर निर्णय लेना हो तो मोदी की कोई मजबूरी न हो ! कांग्रेस घोटालो के जहर को सत्ता बचाने के लिए पीती रही और अंत में वो उसकी मोत का कारण बना ! इतने बड़े फर्जीवाड़े को अनदेखा कर मोदी भी पहला घूंट पि रहे हे ! जो उनकी आक्रमक छवि और आपार लोकप्रियता में टाट का पेबंध होगा !
कड़वा सच !
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chit me jitaa put tum haare

दिग्विजयसिंह जो चाहते थे शिवराजसिंहजी ने कर दिया राजा को मध्यप्रदेश में अपनी खोई जमीन की तलाश थी ,इसलिए उन्हें एक ऎसे ही किसी मुद्दे की दरकार थी जो उनकी दस साल की खामियों को भुलाकर जनता की सिम्पेति दिला दे। और वो जानते हे की इस देश की जनता भावना प्रधान हे यहां नेता जेल में ही पैदा होते हे और जेल जा कर ही कुर्सी सम्मान पाते हे महात्मागांधी से केजरीवाल तक ने यही किया। दिग्विजयसिंह पर १५ वषो
बाद झूठे मुकदमे दायर् करने का परिणाम कुछ हों न हो शिवराजजी ने भाजपा और जनता की नजर में अपने
आप को गिरालिया जिसका परिणाम आने वाला वक्त बताएगा। और दिग्विजयसिंह ने जनता की सहानुभूति
और मध्यप्रदेश कांगेस के स्वर्मान्य नेता का पद पा लिया जो उन्हें चाहिए था। दिग्विजयसिंहजी ने ऐसी चाल
चली की  चित में जीता पुट तुम  हारे।


Friday, 27 February 2015

ये जम्मू कश्मीर के वातावरण और देश की सेहत के लिए ठीक नही हुआ !

चुनाव के नतीजों ने जम्मू और कश्मीर को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया। भा ज पा प्रभावी जम्मू जहां की जनता ने रष्ट्रवाद को अपनाया वही अलगाव वादियों से प्रभावित कश्मीर की जनता ने निमार्ण और विकास के बजाय आतंक और हिंसा में रूचि ली हे ! और सरकार बनाने के लालच में भाजपा ने भी इस स्वरुचि भोज में हिस्सा ले लिया।
एकबार पहले भी कश्मीर समस्या के लिए प्रयोग के तोर पर मुफ़्ती मोहम्मद स्ईद को गृहमंत्री के तोर पर आजमा के धोखा खाया हे। और अब एकबार फिर भाजपा ने कश्मीर समस्या को सत्ता की जल्दबाजी में बुरी तरह उलझाया हे। राष्ट्रभक्त संगठनो और देशप्रेमिओ को यह खेल पसंद नही आया हे।जिस धारा ३७० के विरोध के कारण ही भारतीय जनसंघ अस्तित्व में आई और भाजपा यहां तक पहुंची। उस पार्टी को अपनी विचारधारा से भटकाकर सत्ता के खेल में उलझाने  का श्रेय मोदी और शाह को जाता हे। भविष्य में इसके
दुषप्ररिणाम के लिए मोदी ही जवाबदार होगे।




Thursday, 26 February 2015


jmin ki esmglig rokegi silig

भूमि अधिग्रहण बिल पर रजनीतिक बवाल खड़ा करने के पहले केंद्र सरकार को चहिये की पहले एक बार फिर से पुराने लेंड सीलिंग एक्ट को संशोधित कर फिर से लागु करे अभी तक जो विकास हुआ हे वो इस एक्ट की बदौलत ही हुआ हे। जमीन के जादूगरों ने इस एक्ट को ख़त्म कर वारे न्यारे कर लिए किसान की जमीन कोड़ियो
के दाम खरीद कर करोड़ो की करली और उनके दलाल अब इस पर राजनीती कर रहे हे। भूमि सीमा अधिनियम में सीमा तय थी की एक व्यक्ति शहरी क्षेत्र में कृषि क्षेत्र में सिचित ओर असिंचित कितनी जमीन धारण कर सकता हे। तय सीमा से अधिक भूमि देश के विकास और भूमिहिनो के  लिये  सीलिंग एक्ट में ली जावेगी क्या गलत था।  उन लोगो को ज्यादा प्रेक्टिकल नॉलेज था जिन्होंने ये कानून बनाया था। ये संभव ही नही की ८० प्र. लोग कभी किसी एक बात पर सहमत हो और जब मामला जमीन का होतो कल्पना करना भी मूर्खता हे ,और जब जमीन ही नही होगी तो विकास कहा होगा आसमान में ! सीलिंग एक्ट होगा तो पात्रता से अधिक भूमि बचा ना मुश्किल होगा क्या किसान क्या व्यपारी क्या दलाल सब हो जाएगे निहाल ।
 कड़वा  सच  .       

धारा ३७० कायम रहेगी!

मोदी सरकार का लिखित बयान जम्मू कश्मीर को भारतीय संविधान को न मानने का अधिकार प्रदान करने वाली धारा ३७० कायम रहेगी! आजादी के समय से इसके खिलाफ संघर्षरत जनसंघ के प्रणेता डाक्टर श्यामा प्रसाद मुकर्जी और पं दीनदयाल उपाध्याय ने अपने प्राणो का बलिदान कर दिया! एक को चलती ट्रेन में और दूसरे को जेल में मार दिया गया! लेकिन पाकिस्तानी डिप्लोमेसी के आगे घुटने टेक सरकार बनाने के लालच में मोदी ने टी.डी.पी की शर्ते स्वीकार कर करोड़ो हिन्दुस्तानी देश भक्तो और देश के प्रति समर्पित हिंदूवादी संगठनो और जम्मू की जनता के साथ धोखा किया हे! दिल्ली की तरह दुबारा चुनाव से घबराकर अपनी साख बचाने के चककर में कश्मीर समस्या को मोदी ने और उलझा दिया और इसके लिए अपने प्राणो को न्योछावर करने वाले शहीदो पर कालिख पोत दी! इसके लिए मोदी को इतिहास कभी माफ़ नही करेगा!