Sunday, 8 November 2015

रंगा खुश !

 बिहार   के   चुनाव   नतीजों   ने   शिवराजसिंहजी    को   बड़ी   राहत   प्रदान  की  इतना   ही   नही   बीजेपी   के   हर   छोटे   से   बड़े   नेता   यहां तक  की   केंद्रीय   मंत्री   तक   खुश   है !  की   उनकी   पार्टी   और  सरकार  में   कोई   उपयोगिता   तो   बनेगी   वरना    सरकार   और   पार्टी   मोदी   अमित शाह   अरुण  जेटली   राजीव   प्रताप   रूडी   पार्णिकर   और   सिर्फ   अजित   डोबाल    ही    चला   रहे  है  ! इन्हे   किसी   की   आवश्यकता ही   नही   लेकिन    शिवराजसिंहजी    ही   एक   चतुर   नेता   है   उन्होंने    अपनी   उपयोगिता   शुरू   से  बनाये   रखी    है  ! और    आगे    भविष्य    में   भी   बीजेपी  और   आर   एस   एस   के   पास   शिवराज   से  ज्यादा   सहिष्णु     और   लोकप्रिय   प्रधान    मंत्री   नही   है  पार्टी   के   अनुपयोगी    नेताओ   की   निगाह
भी    आप  पर   टिकी हे !  अत:   रंगा   खुश  !

बिहार में आर एस एस की मंशा पूरी !

बिहार   में   महागठबंधन   की   ऐतिहासिक   विजय   हेतु   आर   आर   एस प्रमुख्य  मोहन  भागवतजी   को   कोटि   कोटि    धन्यवाद   !  जिन्होंने एन   मतदान के  पूर्व आरक्षण  समाप्त करने संबंधी    बयान  और   नितीश   के   सुसाशन   की    तारीफ़ कर  सघ   के   लोगो   को  संकेत   देकर  नितीश   की   जीत   का   मार्ग   प्रशस्त   कर   दिया  !  और   बता   दिया    कि     आज   भी   देश   की   राजनीती  और भाजपा    का   आधार   आर एस एस   ही   है  ! अमित   शाह   की   चालाकी   और   मोदी   की लोकप्रियता    पानी   का   बुलबुला   था  

Monday, 5 October 2015

फेस बुक की सच्चाई !

                फेस   बुक    क्या     है  !


एक    रास्ता   है   दिल    की    बात   बताने   का  !

एक    जरिया    है    अपनी   याद   दिलाने    का   !

एक    साथी      है    सारे      गम    भुलाने     का 

एक    तरीका    है    बिना     मिले  रिश्ता   निभाने    का  ! !

Sunday, 4 October 2015

    मोदी की लोकप्रियता के प्रति फैली भ्रान्ति से उत्साहित शिवराजसिंहजी की विदेश यात्रा व्यापम के दाग नही छुड़ा पाएगी !

Tuesday, 29 September 2015

हाथ धो के पीछे पड़ जाने वाले नेताजी नही रहे !

स्वर्गीय  रामप्रसादजी    दुबे  को  उनके  हम उम्र  समाज के  साथी  नेताजी  कहा  करते थे  ! मुझे छोटी  उम्र में  ही  अपने    मामा   से  सामाजिक  राजनैतिक   गतिविधियों  में  मतभिन्नता  के  चलते  बहस  और  जिद्दोजहद  करना  पड़ती ! हांलाकि  में  अपने आप में  मानता हूँ  की   में   अच्छे  से  कनविंस  करा
सकता हूँ   ! लेकीन   उनको नही   करा  पाता  और  धर्मशाला  के एक मात्र  पक्के  हाल  में  मामा  भांजे की  आवाज की  गूंज  सारा  मोहल्ला   सुनता  जब  ये  बात  लगातार  मेरी  माँ   और  रामप्रसादजी   की  बहन  ने  सुनी  तो   आक्रोशित  हो   हम  दोनों से  बोली  तुम  लोगो की  चिल्ला चोट से  मुझे  शर्म  आती है  ! तब  मामा  साहब  ने  कहा  था  समाज की  जाजम की  बात  समाज  की  जाजम  तक   घर  परिवार में ईस  पर कोई चर्चा  कभी नही करना  ! मेने   वो   बात  गांठ  बाँध ली  इसी  लिये  आज  खुश  हूँ  वरना  मेरा तो  सब कुछ  बिखर  जाता  जो  में  समाज की बात  घर  परिवार में लाता ! मामा  साहब  कहा  करते थे  समाज में  स्थान  पाने  के लिये  भीटी  मारना पड़ेगी  ! उन्होंने भी  छोटी उम्र में  बिछायत दार  मार्तण्डराव  चौधरी  को भीटी  मारकर  अध्यक्ष  बने  और उस  धर्मशाला  के  कच्चे  खंडहर  में  भवन  बनाकर  स्कुल  किराये पर दिया  !  समाज  को  आमदनी  का जरिया  उस समय  यह  बड़ी  गौरव  की  बात हुई थी ! उनका   नारा था  साफ़  बोलो  सुखी
रहो  !   इसीलिये   किसी  के सामने  कभी  भी  बात करने से  हिचकिचाते  नही थे ! यदि कोई काम  आपके
सुपुर्द   है  तो  हाथ धो के  आपके पीछे  पड़  जायेगे  ! बड़े  बड़े  साक्षी  इस   बात के    मौजूद  है  ! 
आज  राजकीय  सामान  के साथ  उनकी   अन्तेश्ठी   ने   समाज का   गौरव  बढ़ाया  ! समाज को   अपने  कार्यो से गौरान्वित  करने  वाले मामा  को  शत शत  नमन  !       

Monday, 28 September 2015

सारा देश आर्थिक तंगी से गुजर रहा अछेदिनों को खोज रहा !

 लोकसभा के निर्वाचन में प्रमुख सात वायदे थे इनमे से कौन सा पूरा हुआ एक लेखक के रूप में बताइये, १-सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार २-भोजन सामग्री आटा, दाल, चावल, चाय पत्ती, दूध कितना सस्ता हुआ ३- काला धन, आया और क्या देश में व्याप्त काले धन का उपयोग रुका? ४-महिला सुरक्षा, ५-बेरोजगारी, ६-दलित उत्पीडन,७- आतंकवाद इसके अतिरिक्त आदिवासी समस्या ज्यों कि त्यों, अल्पसंख्यक भयाक्रांत हैं, विद्वानों के क़त्ल हो रहे, पत्रकार पिट रहे,धार्मिक अन्धविश्वास चरमसीमा पर सत्ताधारी दल के अतिरिक्त व्यापारियों के अच्छे दिन के अतिरिक्त कौन सी उपलब्धि है|भूत में जो राजनैतिक दल सत्ताधारी रहे उन्होंने भ्रष्टाचार किया मान लिया क्या इसका अर्थ यह है कि यह यथावत चलता रहना चाहिय | भविष्य   के   सपनो   से   वर्तमान   का   पेट   नही   भरता  आपकी   नीतिया   गरीब को   और गरीब   और   धनवान   को   और धनवान  बनाने वाली है !  करलो   दुनिया  मुठी   में   और   यदि  दुनिया   न   सही   करलो   भारत   मुठी   में   ! अभियान   बहुत   तेजी से   चल   रहा   है   देश के  केवल  ग्यारह   कॉर्पोरेटर  घराने   को   छोड़   सारा   देश  आर्थिक   तंगी  से   गुजर   रहा   अछेदिनों   को   खोज   रहा   !

Tuesday, 22 September 2015

मुलायमसिंहजी यादव से जानना चाहते है !

 लोग अपने नेताजी मुलायमसिंहजी यादव से जानना चाहते है की आखिर क्या वजह है जो आप अपनी अगुवाई में बने महागठबंधन से अलग हो ! उसे कमजोर कर किसकी सहायता कर क्या ! हासिल करना
चाहते हो !