वाघेला की अटकले आश्चर्य जनक या सनसनी खेज नहीं ? क्योकि मोदी और अमित
शाह , देश और पार्टी की राजनीती को सौदागर की तरह चला रहे ?
Friday, 21 July 2017
रेल यात्रा में भी लोगो की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
नरेंद्र मोदी ने अन्य सारे क्षेत्रों के साथ साथ , रेल यात्रा में भी लोगो की जेब पर डाका डाला जा रहा है। आप स्वयं किसी भी ट्रेन में यात्रा का अनुभव लीजिये, खुद ही सारा गणित समझ जाएंगे। किराये में वृद्धि, तत्काल और प्रीमियम तत्काल का अलग खेल, उस पर भी हवाई यात्रा जैसी अनाप - शनाप कीमत लागू कर दी।
एक स्लीपर क्लास का टिकट जो 400 रूपये का आता है, उस पर तत्काल और प्रीमियम तत्काल के नाम पर कितनी लूट है, आपकी आँखे खुली रह जायेगी। किसी भी टिकट पर कितना अतिरिक्त चार्ज जायज होना चाहिए, तत्काल में 50 रुपया अतिरिक्त ले लो, प्रीमियम तत्काल पर ज्यादा से ज्यादा 100 से 150 रूपये प्रति टिकट भी बहुत होते है। लेकिन स्लीपर में जाने वाले 1000 से 1400 रूपये तक वसूला जा रहा है ।इतना जनता से छीनने के बाद भी सरकार निजीकरण के माध्यम से अलग अलग सेवाओं को अपने उद्योगपति मित्रो को सौपना चाहती है।
जनता पर रहम करो ? जनता को किसी एक क्षेत्र में तो दो बुँदे राहत की टपका दो। विज्ञापन और मीडिया की दुनिया के बाहर भी देखो साहेब, 125 करोड़ लोगों की मरी हुई उम्मीदों को थोड़ी साँसे दे दो ??....
एक स्लीपर क्लास का टिकट जो 400 रूपये का आता है, उस पर तत्काल और प्रीमियम तत्काल के नाम पर कितनी लूट है, आपकी आँखे खुली रह जायेगी। किसी भी टिकट पर कितना अतिरिक्त चार्ज जायज होना चाहिए, तत्काल में 50 रुपया अतिरिक्त ले लो, प्रीमियम तत्काल पर ज्यादा से ज्यादा 100 से 150 रूपये प्रति टिकट भी बहुत होते है। लेकिन स्लीपर में जाने वाले 1000 से 1400 रूपये तक वसूला जा रहा है ।इतना जनता से छीनने के बाद भी सरकार निजीकरण के माध्यम से अलग अलग सेवाओं को अपने उद्योगपति मित्रो को सौपना चाहती है।
जनता पर रहम करो ? जनता को किसी एक क्षेत्र में तो दो बुँदे राहत की टपका दो। विज्ञापन और मीडिया की दुनिया के बाहर भी देखो साहेब, 125 करोड़ लोगों की मरी हुई उम्मीदों को थोड़ी साँसे दे दो ??....
Tuesday, 18 July 2017
ये बात कोई तो समझाओ // राहुल गांधी
//
कड़वा सच //
कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सिंधिया को स्टार प्रचारक और
मुख़्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के अलावा कांग्रेस के पास कोई विकल्प
नहीं ? ये बात कोई तो समझाओ // राहुल गांधी ने मप्र में कांग्रेस की ओर से
सीएम कैंडिडेटशिप के दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली बुला लिया
है। उन्हे नेशनल मीडिया स्ट्रेटजी कमेटी में शामिल किया गया
है। साथ ही कहा गया है कि वो डेली मीटिंग करेंगे। सिंधिया की इस पोस्टिंग
से उनके प्रतिस्पर्धी कमलनाथ समर्थक काफी खुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है
कि अब कमलनाथ का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि सिंधिया तो दिल्ली में ही
रहेंगे।
कमलनाथ इस बार शायद अपने पेंशन प्लान पर काम कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता या योग्यता के सवाल पर बार-बार दोहराया जा रहा है कि उनकी उम्र हो गई है। अब उन्हे अगला मौका शायद नहीं मिलेगा। योग्यता के मामले में दावा किया जा रहा है कि वो सबसे अच्छे मैनेजर हैं। पार्टी के भीतर का मैनेजमेंट हो नेताओं की गुटबाजी का मैनेजमेंट हो या फिर चुनावों का मैनेजमेंट सभी में वह पार्टी के भीतर नंबर वन हैं।लेकिन ये सत्य है मंच पर शिवराज का सामना करने की स्थिति में कतई नहीं माने जा सकते।
वोट की ताकत जनता के हाथ में है और जनता सिंधिया के साथ है। बस एक खामी है कि वो गुटबाजी को खत्म नहीं कर सकते लेकिन महाराज ने अपनी सह्रदयता से दूरिया मिटाने की कोशिश शुरू कर दी है अर्जुनसिहजी की पुण्यतिथि पर सीधी जाकर कांग्रेस का दिग्विजयसिंह - अजयसिंह ग्रुप सिंधिया का स्वभाविक विरोध करता है जबकि सुरेश पचौरी , मुकेश नायक सिंधिया के साथ अपने आपको '' कंफर्ट महसूस करते ? कमलनाथ, सिंधिया की जोड़ी का फायदा उठाव कमलनाथजी को प्रदेश अध्यक्ष बनाओ वो सबको माला में पिरोह लेंगे और सिंधिया को मुख्यमंत्री चेहरा बनाव ? । दावा करते हैं कि इनके सामने आने पर गुटबाजी खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी के सामने संकट यह है कि यदि कमलनाथ को आगे करते हैं तो जनता पसंद नहीं करेगी ? और यदि सिंधिया को आगे किया तो पार्टी के भीतर से खतरा है। फैसला अभी बाकी है। तो दोनों को साथ करदो ?
कमलनाथ इस बार शायद अपने पेंशन प्लान पर काम कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता या योग्यता के सवाल पर बार-बार दोहराया जा रहा है कि उनकी उम्र हो गई है। अब उन्हे अगला मौका शायद नहीं मिलेगा। योग्यता के मामले में दावा किया जा रहा है कि वो सबसे अच्छे मैनेजर हैं। पार्टी के भीतर का मैनेजमेंट हो नेताओं की गुटबाजी का मैनेजमेंट हो या फिर चुनावों का मैनेजमेंट सभी में वह पार्टी के भीतर नंबर वन हैं।लेकिन ये सत्य है मंच पर शिवराज का सामना करने की स्थिति में कतई नहीं माने जा सकते।
वोट की ताकत जनता के हाथ में है और जनता सिंधिया के साथ है। बस एक खामी है कि वो गुटबाजी को खत्म नहीं कर सकते लेकिन महाराज ने अपनी सह्रदयता से दूरिया मिटाने की कोशिश शुरू कर दी है अर्जुनसिहजी की पुण्यतिथि पर सीधी जाकर कांग्रेस का दिग्विजयसिंह - अजयसिंह ग्रुप सिंधिया का स्वभाविक विरोध करता है जबकि सुरेश पचौरी , मुकेश नायक सिंधिया के साथ अपने आपको '' कंफर्ट महसूस करते ? कमलनाथ, सिंधिया की जोड़ी का फायदा उठाव कमलनाथजी को प्रदेश अध्यक्ष बनाओ वो सबको माला में पिरोह लेंगे और सिंधिया को मुख्यमंत्री चेहरा बनाव ? । दावा करते हैं कि इनके सामने आने पर गुटबाजी खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी के सामने संकट यह है कि यदि कमलनाथ को आगे करते हैं तो जनता पसंद नहीं करेगी ? और यदि सिंधिया को आगे किया तो पार्टी के भीतर से खतरा है। फैसला अभी बाकी है। तो दोनों को साथ करदो ?
Sunday, 16 July 2017
केंद्र सरकार अब लैटरल एंट्री का भी प्रावधान करने जा रही है ?
देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी
जाने वाली सिविल सेवाओं में परीक्षा के माध्यम से भर्ती के अलावा केंद्र
सरकार अब लैटरल एंट्री का भी प्रावधान करने जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस की
खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को
इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है /. ताकि एक विचार
धारा को टॉप से लेकर बॉटम तक स्थापित करने का अभियान चलाया जा सके
,और इसके लिये सरकार की योजना है कि निजी क्षेत्र के अनुभवी लोगो को
जो पूरी तरह सरकार के साथ और आर एस,एस के विशवास के हो ? उन्हें
विभिन्न विभागों में उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव रैंक के पदों पर
नियुक्त किया जायेगा / . सूत्रों के मुताबिक, निजी क्षेत्रों में काम करने
वाले लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनकी योग्यता , उपियोगिता और
अनुभव के आधार पर चयन किया जायेगा. हालांकि, ऐसे लोगों के मौजूदा वेतन और
सुविधा का निर्धारण नहीं अभी नहीं किया है / कैबिनेट सेक्रेटरी की
अध्यक्षता में बनी समिति ऐसे लोगों का अंतिम रूप से चयन करेगी ,. जिनको
सिविल सेवाओं में लैटरल इंट्री देने पर विचार कर चयन किया जाना है ?.
माना जा रहा है कि शुरूआत में निजी क्षेत्रों, शिक्षा, गैर सरकारी संगठनों
से जुड़े तकरीबन 40 ऐसे लोगों का चयन किया जायेगा ?
Friday, 14 July 2017
कांग्रेस के मित्रो के लिये ?
मल्लाओं का चक्कर छोड़ो , खुद तैरकर दरिया पार करो ? , शिवराज पर भरपूर वार करो ? अभी दिल्ली का मोह छोड़ो , भोपाल में हिसाब करो ? सिधिंया को मुख्यमंत्री मानो कमलनाथ को साथ करो ? सुरेश पचौरी , मुकेश नायक है उपयोगी इनका इस्तेमाल करो ? अजयसिंह ,और दिग्विजय पर पूरी वाच करो ? कुणाल चौधरी , जीतू पटवारी पाटीदारो को लो चाले में ? मध्यमवर्गियो का हाल बुरा है , लेकिन उनके घर में मोदी का चौकीदार बन बैठा घर का बूढ़ा है ? इन सब बातो पर विचार करो , ब्राहमणो का भोजन - पूजन करके अपना बेडा पार करो ? मल्लाहो का चक्कर छोड़ो , खुद तैर कर दरिया पार करो ?
कांग्रेस के मित्रो के लिये
Monday, 3 July 2017
sarakar ka कड़वा -सच ?
कड़वा -सच ?
आजाद भारत के इतिहास में ये ऐसी सरकार है , जिससे किसान मजदुर , व्यापारी , कारोबारी , उच्चपदस्थ , या मलाईदार नौकरी वालो और तगड़ी पेंशनधारी ,को छोड़ सामान्य कर्मचारी , प्रायवेट युवा उत्साही , महिला ग्रहणी हो या कामकाजी या फिर चाहे वो हो सेल्फ एम्प्लाई सब का दम घुट रहा ?
Saturday, 24 June 2017
मंदिरो के पुजारी पद ब्राह्मणो के लिये आरक्षित किये जाये ?
सिंहस्थ
मेले के दौरान ही सी एम शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए थे। सरकारी या दान
की जमीनों पर बने मंदिरों को सरकारी घोषित कर दिया जाएगा ? और इन मंदिरों
में सेवा कर रहे पुजारियों की जगह नई नियुक्तियां होेंगी। नियुक्ति के
अधिकार नगरीय निकाय या ग्राम पंचायत को मिलेंगे। कुल मिलाकर मंदिरों में अब
राजनीति होगी।और सरकार समाज में ब्राह्मणों का मान सम्मान और स्वाभिमान को
नष्ट कर मनुवादियो का सत्यानाश कर दलित अर्जेन्टा और तुष्टिकरण हेतु काम
कर ही है / इसके लिए कानून का प्रारूप तैयार किया
गया है,? जो विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। और जैसा कि होता आया
है। विधानसभा में हंगामे के बीच यह कानून पारित भी हो जाएगा शिवराज मोदी
की लोकप्रियता का लाभ ले ? ब्राह्मणों को लात दे दलित और पिछडो के
लोकप्रिय नेता बनने चले है विश्वनाथ प्रतापसिह की तरह ? भोपाल के पत्रकार मनोज तिवारी की रिपोर्ट के
अनुसार प्रदेश में ऐसे 25 हजार से ज्यादा मंदिर होने का अनुमान है। इनमें
से 21 हजार की सूची तैयार कर ली गई है। इसका प्रारूप वरिष्ठ सदस्य सचिव
समिति को भेजा जा रहा है। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव
ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस प्रारूप पर अभी काम चल रहा है।
पुजारी, व्यवस्थाओं में सुधार ?
फिलहाल प्रबंधन व व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा। संचालन के लिए हर मंदिर की अलग समिति होगी, जिसका प्रबंधन कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार संभालेंगे। इसमें स्थानीय लोग भी होंगे।
पुजारियों की नई नियुक्ति होगी ?
जो पुजारी अभी काम कर रहे हैं अयोग्य पुजारी होने पर नई नियुक्ति होगी। स्थानीय निकाय पुजारी नियुक्त कर सकेंगे। गांव में यह अधिकार ग्रामसभा को होगा जो राजनैतिक तोर पर नियुक्तियां होगी ? सरकार ने इसमें यह तय नहीं किया है कि पुजारी का पद ब्राह्मण समाज के लिए ही आरक्षित होगा या नही ?
कलेक्टर कर रहे मंदिरों का चयन
जिलों में मंदिरों का चयन कलेक्टर करेंगे। सूत्र बताते हैं कि 40 कलेक्टरों ने काम पूरा कर लिया है। अभी मंदिरों का आंकड़ा 21 हजार के पार पहुंच गया है ? ब्राह्मणों से उनके पुजारी होने का अधिकार भी छीना जा रहा है और व्यवस्था अनुसार समाज अन्य तब को गेर ब्राह्मणों को पुजारी पद पर नियुक्त किया जा सकेगा ? जिसका राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा विरोध करती है और मांग करती है की पुजारी पद पर सिर्फ ब्राह्मणों को ही नियुक्त किया जाये ? राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा की माँग है पुजारी पद ब्राह्मणों के लिए आरक्षण किया जाए ?
धीरज दुबे एड.
/ राष्ट्रीय प्रवक्ता /
// राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा //
पुजारी, व्यवस्थाओं में सुधार ?
फिलहाल प्रबंधन व व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा। संचालन के लिए हर मंदिर की अलग समिति होगी, जिसका प्रबंधन कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार संभालेंगे। इसमें स्थानीय लोग भी होंगे।
पुजारियों की नई नियुक्ति होगी ?
जो पुजारी अभी काम कर रहे हैं अयोग्य पुजारी होने पर नई नियुक्ति होगी। स्थानीय निकाय पुजारी नियुक्त कर सकेंगे। गांव में यह अधिकार ग्रामसभा को होगा जो राजनैतिक तोर पर नियुक्तियां होगी ? सरकार ने इसमें यह तय नहीं किया है कि पुजारी का पद ब्राह्मण समाज के लिए ही आरक्षित होगा या नही ?
कलेक्टर कर रहे मंदिरों का चयन
जिलों में मंदिरों का चयन कलेक्टर करेंगे। सूत्र बताते हैं कि 40 कलेक्टरों ने काम पूरा कर लिया है। अभी मंदिरों का आंकड़ा 21 हजार के पार पहुंच गया है ? ब्राह्मणों से उनके पुजारी होने का अधिकार भी छीना जा रहा है और व्यवस्था अनुसार समाज अन्य तब को गेर ब्राह्मणों को पुजारी पद पर नियुक्त किया जा सकेगा ? जिसका राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा विरोध करती है और मांग करती है की पुजारी पद पर सिर्फ ब्राह्मणों को ही नियुक्त किया जाये ? राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा की माँग है पुजारी पद ब्राह्मणों के लिए आरक्षण किया जाए ?
धीरज दुबे एड.
/ राष्ट्रीय प्रवक्ता /
// राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा //
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