Tuesday, 5 December 2017

राम मंदिर के मामले में तो नहीं हुआ ?

महाभारत में  कर्ण  के पास  एक अमोध  शक्ति थी  जो उसने  अर्जुन के लिए संभाली थी , लेकिन  समय आने पर  घोटोतकच  पर  चलानी पड़ी , कहि ऐसा ही  बीजेपी  के साथ राम मंदिर  के मामले में तो नहीं  हुआ  ? 

Monday, 4 December 2017

भारतीय राजनीती के देदीप्यमान धूमकेतु ,

  भारतीय  राजनीती के देदीप्यमान  धूमकेतु ,

                                                    परम् आदरणीय अमित शाहजी /

                                                                         सादर वंदन /

समाज का  शाकाहारी  सहिष्णु हिंदु  ,स्वर्ण  और विशेषकर ब्राह्मण सदा से  भाजपा का अनुयायी  रहा है,  ब्राह्मण बुध्दिजीवी तबका  होने  से   समाज में  अनेक विचार धारा प्रवाहित रही है , लेकिन सदा से  समाज की धारणा  बनाते आ रहे ब्रह्म  समाज ने 2019  के लोक सभा चुनाव  में मोदीजी के नेतृत्व को एकमत से  स्वीकारा  और इस हेतु  देश के २४ रज्यो में सक्रीय वर्ड रेकॉर्ड  आफ बुक्स  में दर्ज राष्ट्रीय  ब्राह्मण  युवजन सभा  ने  महती भूमिका अदा की , आपने   भाजपा की विजय यात्रा का लोक सभा चुनाव 2014 से  शंखनाद किया जो  उप्र  के  विधान सभा  चुनाव में भी परिलक्षित हुआ है !, हमारे संगठन  ने आपके गौरवशाली नेतृत्व को सराहा और  स्वीकार कर  वर्तमान  लोकसभा चुनाव  में भी  देश के   ब्राह्मणो ने  अपनी  सारी ऊर्जा  आपके नेतृत्व को  समर्पित की है ,/
                  इस  ऐतिहासिक  विजय  के लिये आपके  प्रतिभाशाली अद्वितीय नेतृत्व शक्तिशाली  आत्मविश्वास  का   अभिन्दन है ! ,विश्व में  लोकतंत्र  के  इतिहास  में  जब  भी  चुनाव प्रबंधन  का विषय आएगा , आपका नाम आदर सम्मान और  मिसाल  के तोर पर लिया जाएगा !
         इस ऐतिहासिक  सफलता हेतु  , आपको   कोटि कोटि   नमन !
           जयहिंद , जय भारत !!
               


                                                                                                             भवदीय

                                                                                               भृगुवंशीय आशुतोष पांडेय ,

                                                                                                        अध्यक्ष

                                                                                         //  राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा //

अमानत आंदोलन पूरी तरह सफल हुआ ?

 कड़वा सच ?                                                                                                                                             देश की राजनीती का  नया स्वरूप  गुजरात  में  पाटीदार  समाज  की राजनीती में देखने को आया ,अमानत आंदोलन को जरिया बनाकर  सारे पाटीदार रजनेताओ  ने पाटीदार समाज को संगठित कर शक्ति प्रदर्शन  कराया ,  और इसमें   अन्य पार्टी  नेताओ में  नेतृत्व  का  झगड़ा न रहे  इसलिए  एक २२ वर्ष  के लड़के को सिम्बॉल के रूप  में   सामने लाया  / और  राष्ट्रीय राजनैतिक  पार्टियों  को ब्लेकमेल  करने का  हथियार  बनाया , दोनों  ही  पार्टियों में  पाटीदार  नेताओ का मान   और स्थान   बढ़ाया  , अगर  कांग्रेस  आई  तो अपनी सरकार बनालेगे ,  अन्यथा  जो भाजपा में  है वे  अच्छा   स्थान  पा  लेगे  ,  इसलिए  हार्दिक  को  अभी किसी पार्टी में नहीं डालेंगे  , पिली टोपी लगा   लेंगे ,    राहुल  गांधी  से अलग मंच  सजा  लगे   ? राष्ट्रीय  स्तर पर  अपनी पहचान  बना  लेंगे ?  देश और   प्रदेश  की राजनीती में दोनों ही  पार्टियों में पाटीदारो का  स्थायी   आरक्षण करा  लगे ?  

Sunday, 3 December 2017

शिवराज के बारह साल , सारा प्रदेश बेहाल ?

कड़वा सच

मंहगी बिजली , अन्य प्रदेशो से महंगा कच्चा तेल , रिश्तेदारों ने खूब चलाया अवैध खनन का खेल , व्यापम की बात निराली वही जाएगा जेल जिसने इसकी पड़ताल निकाली , अफसर करे मनमानी जन प्रतिनिधि उनके आगे भरे पानी , मुख्यमंत्री का देखो खेल मचा दी घोषणाओं की रेलम पेल , अफसर कसे इन पर नकेल , बारह साल में कोइ तीर न मारा , जबकि सेठीजी नर्मदा , तो अर्जुनसिह  ने  गरीबो को पट्टे और एक बत्ती कनेक्शन दे डाला , और तुमने शहर से लगी हजारो एकड़ जमीन पर स्किम लाद शहर के विकास को रोक डाला , सरकार के पास फूटी कोड़ी नहीं गाँव को न्योता दे डाला ,और बस कन्यादान और तीर्थ दर्शन कराकर अपना पाप धो डाला ?

Saturday, 2 December 2017

शिवराज के बारह साल , सारा प्रदेश बेहाल ?

 मंहगी बिजली , अन्य प्रदेशो से महंगा तेल , खूब चला  अवैध खनन का खेल , व्यापम की बात निराली   वही जाएगा जेल जिसने इसकी बात निकाली , अफसर करे मनमानी    जन प्रतिनिधि उनके  आगे भरे पानी , मुख्यमंत्री का देखो खेल रोज करे  नई नई घोषणा , अफसर  कसे इन पर नकेल , बारह साल में कोइ तीर न मारा ,बस कन्यादान और तीर्थ दर्शन  कराकर अपना पाप धो डाला ?

Sunday, 26 November 2017

योग गुरु बाबा रामदेव होश में आओ ? ?

भारत के लाखों लोग पतंजलि और दिव्य योग के उत्पादों का प्रयोग इसलिए ही नहीं करते कि वह गुणवत्ता मैं बहुत अच्छी है बल्कि लोग शुरू शुरू में आपके उत्पादों का प्रयोग राष्ट्रीयता और देशभक्ति के साथ-साथ कम दाम के कारण भी खरीदते थे ।

शुरुआत में आपने स्वयं को प्रचार विरोधी बताकर पतंजलि उत्पाद को अच्छी गुणवत्ता के साथ मार्केट में उतारा जो सही भी था और लोगों ने उसे पसंद भी किया परंतु धीरे-धीरे कब आपके सामानों की कीमत ज्यादा होती चली गई पता न चला ।
और अब कीमत इतनी ज्यादा हो चुकी है की चिंता का विषय बन चुका है ।

अब TV पर हर तीसरा प्रचार पतंजलि का है तो क्या इससे यह अर्थ लगाया जाए कि आप भी अर्थ तंत्र की एक बड़ी मछली के रूप में सामानों को महंगे दामों पर बेचेंगे या बेच रहे हैं?
जो चूर्ण 2015 में 40 का था वही 2016 में 85 का कैसे हो गया ? 100% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी ..?

मई 2016 में जिस बादाम रोगन का दाम 110 रुपये था ऐसा क्या हुआ कि वह मात्र 9 माह बाद मार्च 2017 में 150 का हो गया यानी 36% कि बढ़ोत्तरी । यह मूल्य वर्धन की पराकाष्ठा या त्रासदी है । मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी । ऐसे ही 2 माह पहले बेसन का दाम राजधानी बेसन से 15 रुपये सस्ता था और आज 15 रुपये महंगा हो गया है ।
अब  ऐसा लगने लगा है कि आप के उत्पाद की न्यूरोमार्केटिंग से बाहर आकर  देश की जनता को सोचना पड़ेगा क्यों कि आप जनता को बेवकूफ बनाने लगे हैं । भावना और देशभक्ति बेचने के दिन लद गए......?

जनता को भी अब यथार्थ पर आना चाहिये  और पतंजलि को भी अपने उत्पाद सही दामों पर बेचने का दबाव बनाना चाहिये  और साथ साथ यह भी बताइये की आप पहले कैमिकल का विरोध करते थे तो आपके शैम्पू और आपके साबुनों में क्या लक्ष्मन को जीवित करने वाली जड़ीबूटी डाली है क्या......

हमे ये बताइये आपके ब्यूटी-प्रोडक्ट्स, फेसवाश, सर्फ़, स्लिम-पाउडर ये सब क्या आपने बिना कैमिकल के ही बना लिया और आपको नूडल्स बनाने की क्या पर गयी......ये तो चीन का भोजन है और उसको कॉपी करके आप किस देशभक्ति का काम कर रहे है..... आपके बिस्कुट, आपके चोकोफ्लेक्स क्या ये सब विदेशी सामानों का नक़ल नही है.......
अगर आप देशभक्ति का काम करते तो हर सामान आप और कंपनियों की भांति या उससे भी महंगे दामो में नही बेचते लेकिन नही. आपने तो धंधा शुरू कर दिया........योग सिखाते सिखाते आप कब बिजनेसमैन बन गए, यह पता ही नही चला।
धीरे धीरे आपके देशभक्ति वाले उत्पाद आम आदमी के पहुंच से बाहर हो रहे है..।

Sunday, 5 November 2017

मोदी की ये हकीकत है ?

एक समय था टीवी पर मोदी की आवाज सुन शरीर के रोंगटे खड़े हो जाते थे, लोग मोदी मोदी चिल्लाते थे तो ह्रदय पुलकित हो आंखों में अश्रु आ जाते थे , लेकिन आज जब टीवी पर मोदी की आवाज आती है , तो किचन में गैस पर काम कर रही गृहणी चिल्लाती , बन्द करो इस चोटे को ,?
ये तीन साल में  मध्यमवर्गीय परिवार में मोदी ने बनाई अपनी इज्जत है , ये हकीकत है?