Wednesday, 10 October 2018
Friday, 5 October 2018
/ शनिवार 7 अक्टुम्बर 2018 / ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
कड़वा सच
/ शनिवार 7 अक्टुम्बर 2018 /
ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
मोदी और शाह देश और पार्टी को वोटो के सौदागर की तरह चला रहे ?, बाबा रामदेव योग शिविर छोड़ डिस्ट्रीब्यूटरो को सेल्स के गुण सीखा रहे ? सारे चुनावी वादे कहाँ गये दो करोड़ रोजगार जो हर साल पैदा करने का वादा किये , नौजवान बच्चे मन्दी की मार से पन्नाह मांग लिये , छटनी की तलवार पर जीवन काट रहे ? नोटबंदी फेल हो गयी , बैंके निढाल हो गयी लडख़ड़ाती बैंको के लिए मिनिमम बेलेन्स मेंटेन न करने पर पेनल्टी बैंको को बचाने हेतु ढाल हो गयी , खबर है कि पिछले चार सालों में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन बड़े बैंकों ने बचत खातों में मिनिमम बैलेंस न रख पाने वाले कस्टमर्स से कुल 11,500 करोड़ रुपये की कमाई की है, आखिर कार माल्या ओर नीरव मोदी के घोटालों से डूबी रकम की भरपाई जो करनी है , अपनी जमा रकम पर अपन जजिया कर दो , ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
/ शनिवार 7 अक्टुम्बर 2018 /
ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
मोदी और शाह देश और पार्टी को वोटो के सौदागर की तरह चला रहे ?, बाबा रामदेव योग शिविर छोड़ डिस्ट्रीब्यूटरो को सेल्स के गुण सीखा रहे ? सारे चुनावी वादे कहाँ गये दो करोड़ रोजगार जो हर साल पैदा करने का वादा किये , नौजवान बच्चे मन्दी की मार से पन्नाह मांग लिये , छटनी की तलवार पर जीवन काट रहे ? नोटबंदी फेल हो गयी , बैंके निढाल हो गयी लडख़ड़ाती बैंको के लिए मिनिमम बेलेन्स मेंटेन न करने पर पेनल्टी बैंको को बचाने हेतु ढाल हो गयी , खबर है कि पिछले चार सालों में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन बड़े बैंकों ने बचत खातों में मिनिमम बैलेंस न रख पाने वाले कस्टमर्स से कुल 11,500 करोड़ रुपये की कमाई की है, आखिर कार माल्या ओर नीरव मोदी के घोटालों से डूबी रकम की भरपाई जो करनी है , अपनी जमा रकम पर अपन जजिया कर दो , ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
Tuesday, 2 October 2018
'' संभावना है कि भाजपा उतरा अधिकारी पैटर्न पर करेगी टिकिट वितरण '' !
मध्य् प्रदेश के हालात को देखते हुये , केंद्र से लेकर प्रदेश के दिगज्ज भाजपाई जो अपने उत्तराधिकारी को विधान सभा चुनाव लड़ाना चाहते , मौका दे दिया जाता है ,तो कोइ हर्ज नहीं इतने बड़े दिग्गज के वंशज अपनी सीट तो जीतेंगे ही , आस पास की सीटों पर भी फर्क पड़ेगा , सब दिग्गजों को जुटना पड़ेगा, और कोइ ऊंच नीच हुई तो शिवराज अकेला हंसी का पात्र फिर नहीं बनेगा ,!
Friday, 28 September 2018
सारी मुद्रा फिर ब्लैक मनी में तो नही बदल रही हैं !
नोट बन्दी करने का सबसे सॉलिड कारण जो गिनाया गया था वह यह था, कि अर्थ व्यवस्था में कैश की तादाद काफी ज्यादा हो गयी हैं , यह खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है , अत: नोट बन्दी कर कैश लेस अर्थ व्यवस्था की तरफ जाना जरुरी है , लेकिन नोट बन्दी को दो साल भी पूरे नही हुए है, ओर कैश का फ्लो नोट बन्दी के पहले से भी बहुत आगे बढ़ गया है ! अब सवाल यह खड़ा होता हैं कि नोट बंदी के समय सिस्टम में सिर्फ 7.8 लाख करोड़ की मुद्रा चलन में थी , और आज लगभग 19 लाख करोड़ की मुद्रा चलन में आ चुकी है ! ऋण देने को लेकर बैंकों की चिंताएं बढ़ रही हैं ,और तरलता के कड़े हालात को लेकर चिंता का माहौल हैं ! डिजिटल पेमेंट भी काफी बढ़े हैं ? तो यह सारी मुद्रा कहा चली गयी हैं , क्या सारी मुद्रा फिर ब्लैक मनी में तो नही बदल रही हैं !
'' मोदी के विकल्प के रूप में गडकरी का नाम '' !
राष्ट्रीय सेवक संघ कभी व्यक्तिवादी नहीं रहा न किसी व्यक्ति पर कभी निर्भर
होगा , वो एक विचार धारा है ! और इसीलिए , मोदी की व्यक्तिवादी राजनीती ,
कारपोरेट जगत से गहरी दोस्ती संघ को रास नहीं आ रही , अपने राजनैतिक
अंहकार के चलते जिस तरह मोदी ने एक और शिवसेना , अकाली ,नितीश से पल्ला
झाड़ना शुरू किया वही दूसरी और संघ के अनुवांशिक संगठनों विश्वहिंदू परिषद ,
स्वदेशी मंच , वनवासी आश्रम ,बजरंग दल संस्कार भारती , कॉमन सिविल
कोर्ट , हिन्दू राष्ट्रवाद ,आदि को लूप लाइन में डाल कमजोर कर दिया ! वो
समय दूर नहीं जब मोदी अपनी लोकप्रियता के बल पर , देश के अन्य राजनैतिक
दलों केसाथ साथ आर एस,एस के लिए भी चुनौती न बन जाये,और अमित शाह की
प्रलोभनकारी राजनीती की चासनी संघ के स्वयं सेवको को आदर्श , राजनैतिक
शुचिता सस्कार , निष्ठां हिन्दू राष्ट्रवाद ,देश प्रेम से दूर व्यक्तिवाद के करीब ले जाय ?
इसलिये भावी नेतृत्व हेतु ,नितिन गडकरी को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है ?
Monday, 10 September 2018
महंगाई की सारे भारत मे हा हा कार ।। शर्मिंदगी तो महसूस करो यार ।। वरना कहना पड़ेगा बेशर्म है ये सरकार ।।
कितने शर्म की बात है कि सारे देश का आम आवाम मंहगाई की मार से हां हां कार कर रहा ,वहां सरकार के जवाबदारों को कुर्सी के गणित और वोटो की गिनती के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा ! भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में अहंकार पूर्ण लहजे में खाली गठबंधन की बात की गयी , गठबंधन चलेगा नहीं, टिकेगा नहीं.!. आज तक सत्ता में जो पार्टी होती है वो कार्यकारिणी में चिंता करती है कि देश में आर्थिक रूप से क्या हालात हैं, सामाजिक रूप से क्या हालात हैं, क्या हालात हैं महंगाई के, क्या-क्या समस्याएँ जनता की है, क़ानून व्यवस्था कैसी है। कार्यकारिणी की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होती है , अपने चुनावी घोषणा पत्र का मिलान करो। लेकिन सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को येन केन प्रकारेण दलित वोट बैंक की चिंता है।
इसलिये कहना पड़ेगा सरकार बेशर्म हो गयी !
इसलिये कहना पड़ेगा सरकार बेशर्म हो गयी !
Thursday, 30 August 2018
पचास साल तक इस कानून में बदलाव की गुंजाइश नहीं ?
दलितों को साथ रखने के लिये क्या कम सहन करना पड़ रहा पीढ़ियों से सवर्ण समाज को ,हमारा गुस्सा ये है की जब सुप्रीम कोर्ट मानती है , कि एस सी एस एक्ट का दुरुपियोग हो रहा है , इसलिए गिरफ्तारी से पहले जांच होनी चाहिए , क्या गलत था ?, न्यायपालिका ओर कानून को अपना काम करने देना था । अध्यादेश लेकर इसे कानून बनाने की चुनावी जल्दी मोदी ने क्यो की सारे देश का स्वर्ण हिन्दू दलित सभी तो आपके साथ था ,ये तो न्यायालय का निर्णय था । आपने वी पी सिंह की तरह दलित मसीहा बनने की अति महत्वकांशा की जल्दी में संघ के अर्जेनटे को भी खंडित किया न्यायपालिका और संविधान की अवमानना की , बिना सुनवाई गिरफ्तारी , 6 माह तक जमानत का प्रावधान नही पचास साल तक इस कानून में बदलाव की गुंजाइश नहीं ? ऐसा जजिया कानून तो मुगलो और अंग्रेजो ने भी नही बनाया ,जीवन भर के लिए सवर्णो की दूसरे दर्जे की नागरिकता ओर इस एक्ट के लोगो का गुलाम बना दिया ।
Subscribe to:
Posts (Atom)
