Friday, 2 November 2018

'' दिग्विजयसिंह का शै और मात का खेल !! ''

  ये बात तो  समय समय पर कड़वा सच ने  जाहिर  की थी  की दिग्विजयसिंह  को राहुल गांधी ने  तड़ीपार कर  रखा  है,  दबाव बनाने हेतु  नर्मदा यात्रा कर  130 सीटों  पर कांग्रेस का माहौल बनाया , टिकटार्थियो  ने  दम  लगाया  यात्रा को सफल बनाया  , राजा ने लाख कोशिश की  यात्रा समाप्ति पर राहुल गांधी  आ जाये  लेकिन नहीं  आया !  राहुल ने अपना सर्वे  करवाया  , ज्योतिरादित्य  सिंधिया  मप्र  में राहुल गांधी  का प्रतिनिधि  बन के आया ,  दिग्गी का समीकरण  गड़बड़ाया , फिर  दबाव  का  पैंतरा  अपनाया  ,  अपने  राजनैतिक  पार्टनर   से समीकरण  भिड़ाया ,  उन्होंने , प्रेमचंद  गुड्डू   को  कुछ समय के लिये अपनाया , बाद में राजा की चल गयी तो---------  !  नहीं तो  सक्षम  लोगो  के साथ   है , जिन्हे   मालवा निमार्ण   में  अपने  दलित नेता की चाह है !                 ''  पांचो  उगंली   घी  में      
                   और  सर  कड़ी में ''  !

Sunday, 21 October 2018

ब्राह्मणों को लोन देकर इस क्षेत्र को बसाया जो ब्राह्मण बाहुल्य कहलाया,।


        सादर अभिवादन ,!
यह ब्यौरा   आपको  प्रेषित  करने वाला में धीरज दुबे एड , राष्ट्रीय  ब्राह्मण युवजन सभा  का राष्ट्रीय संगठन महामंत्री  इंदौर ! ब्राह्मण समाज का सक्रिय प्रतिष्ठित कार्य करता हु। इंदौर क्षेत्र 4 में  8000 ब्राह्मण सदस्यों की शेडूल बैंक मित्र मंडल सकरी बैंक का 18 साल संचालक और अध्यक्ष रहा हूँ ,। 
मुद्दे की बात यह है 48000।हजार ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र में हमारे  बैंक  से संबंधित हमारे जाती , समाज रिश्तेदारी  आस पड़ोसी  मिलाकर 8000  परिवार  याने  प्रति परिवार 4  के हिसाब से 32  हजार मतदाता तक एप्रोज है ! और इनमे अधिकतर  सारे  रिश्ते नातेदार है जो  सुदामा नगर  स्किम न 71   अन्नपूर्णा परिक्षेत्र में ही रहते है ! और  अधिकतर  जूनि इंदौर के मूल निवासी है !     हम सभी उप वर्गीय   ब्राह्मण समाजो  विषेशकर  श्रीगौड़ ,औदुंबर  सनाढ्य, कान्यकुब्ज  नार्मदीय  ,गुजरगोड़ नारमदेव  जो यहां बहुसंख्यक है ,  इन सब  जाती के  सक्रिय लोगो को साथ ले इस विधान सभा मे ब्राह्मणों के  एक्सट्रोसिटी  एक्ट  के  प्रति आक्रोश और विरोध  को लेकर ब्राह्मणो के  राजनैतिक अस्तित्व  के नाम पर  5 हजार  ब्राह्मण परिवारों अर्थात  20 वोटरों के पास जायेगे ! , अंतिम  बार यहां  कांग्रेस  को 32 हजार  की लीड रही  है ! अगर  10  हजार  वो वोट जो हमारा नहीं भाजपा का  था , हमे  ब्राह्मण  के नाम पर मिलता  है  तो 20 हजार की लिड  कवर होती है ! यही  फार्मूला सिंधी समाज में भी  अप्लाय  किया जाये  5 हजार  वोट  भाजपा के वहां से  छीन लिया जाये तो  कांग्रेस की जित सुनिश्चित है !  कांग्रेस  उम्मीदवार हेतु 20 हजार  वोटो  का हम   पारिवारिक सामाजिक व जातिगत समीकरण बनाने में  समर्थ है ,।
ऐसे माहौल में जब विभिन्न मुद्दों और स्वर्ण समाज आरक्षण के दंश से आक्रोशित है ,इस बीजेपी की अयोध्या को भेदा जा सकता हैं, लोहा गर्म है यदि कांग्रेस ब्राह्मण  और सिंधी समाज का हथौड़ा चलादे ।
हम किसी राजनीतिक  पार्टी के सदस्य नही ,लेकिन बीजेपी द्वारा सवर्ण ब्राह्मण सवर्णो की अंनदेखि वादा खिलाफी , सिंधी  समाज के वरिष्ठों आडवाणी , जेठमलानी  का अपमान, व्यापार व्यवसाय का खस्ता हाल,  असंतोष का फायदा  उठाये !  एससी एसटी एक्ट के कारण ब्राह्मण   अपनी शक्ति इस क्षेत्र में दिखाने हेतु आतुर है ,। विभिन्न ब्राह्मण उपजातीय वर्ग  के लोगो का मन्तव्य हमारे साथ  है ,उ विभिन्न  जातिगत संगठनों ने हमारे इस प्रयास की सराहना की है और   साथ देने हेतु वचन बध्द है । आप समय देगे तो पूरा विस्तृत वर्णन प्रस्तुत करने हेतु हम  तत्पर पर है ।
ये सुदामा नगर क्षेत्र पहले अवैध कालोनी था बैंक यहां लोन नही देती थी ,सबसे पहले मित्रमंडल सहकारी बैंक ने ब्राह्मणों को लोन देकर इस क्षेत्र को बसाया जो ब्राह्मण बाहुल्य कहलाया,। लेकिन दुर्भाग्य से एनपीए में आने से बैंक लिक्विडेशन में है ! लेकिन इससे लाभान्वित हुए 8 हजार परिवार आज भी यहाँ निवास करते है जिनसे वर्षो से पारिवारिक परिचय है और ,बहुतो से तो जीवित सम्पर्क है ! 
                                                                                                             / धीरज दुबे एड ,/
                                                                                                                पूर्व  अध्यक्ष
                                                                                                     मित्र मंडल सहकारी बैंक ली
                                                                                                                 ! इंदौर !

Wednesday, 10 October 2018

 अद्वितीय  प्रतिभाशाली ,प्रखर वक्ता ,ब्रह्म  मातृशक्ति , बहन श्रीमती Priyanka Chaturvedi जी को मध्य प्रदेश चुनाव मे कांग्रेस की मीडिया प्रभारी बनाये  जाने पर कोटि कोटि शुभकामनाएं एवं बधाई....!!!!

Friday, 5 October 2018

/ शनिवार 7 अक्टुम्बर 2018 / ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?

कड़वा सच
 
  /  शनिवार 7 अक्टुम्बर 2018 /
ये सरकार तो औरंगज़ेब की भी बाप हो गयी ?
मोदी और  शाह  देश और पार्टी को वोटो  के सौदागर की तरह चला रहे  ?, बाबा रामदेव  योग  शिविर  छोड़  डिस्ट्रीब्यूटरो  को   सेल्स   के गुण   सीखा रहे ? सारे चुनावी  वादे  कहाँ गये  दो करोड़  रोजगार  जो हर साल पैदा  करने का वादा किये , नौजवान बच्चे  मन्दी की मार  से  पन्नाह  मांग  लिये ,  छटनी की तलवार पर जीवन काट रहे ? नोटबंदी   फेल  हो गयी ,  बैंके   निढाल हो गयी   लडख़ड़ाती  बैंको  के लिए मिनिमम  बेलेन्स  मेंटेन  न करने पर पेनल्टी   बैंको  को बचाने हेतु  ढाल हो  गयी , खबर है कि पिछले चार सालों में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन बड़े बैंकों ने बचत खातों में मिनिमम बैलेंस न रख पाने वाले कस्टमर्स से कुल 11,500 करोड़ रुपये की कमाई की है,  आखिर कार माल्या ओर नीरव मोदी के घोटालों से डूबी रकम की भरपाई जो करनी है , अपनी जमा रकम पर  अपन  जजिया  कर  दो  , ये सरकार  तो  औरंगज़ेब की  भी  बाप हो गयी ?

Tuesday, 2 October 2018

'' संभावना है कि भाजपा उतरा अधिकारी पैटर्न पर करेगी टिकिट वितरण '' !

मध्य् प्रदेश  के  हालात को देखते  हुये ,   केंद्र से लेकर  प्रदेश के   दिगज्ज  भाजपाई   जो अपने  उत्तराधिकारी को  विधान  सभा   चुनाव लड़ाना चाहते , मौका  दे  दिया जाता है ,तो  कोइ  हर्ज नहीं  इतने  बड़े दिग्गज  के वंशज अपनी  सीट  तो जीतेंगे  ही  , आस  पास   की सीटों पर  भी फर्क पड़ेगा , सब दिग्गजों को जुटना पड़ेगा, और  कोइ  ऊंच नीच  हुई  तो   शिवराज   अकेला हंसी  का पात्र  फिर    नहीं बनेगा ,!

Friday, 28 September 2018

सारी मुद्रा फिर ब्लैक मनी में तो नही बदल रही हैं !

नोट बन्दी करने का सबसे सॉलिड कारण जो गिनाया गया था वह यह था, कि अर्थ व्यवस्था में कैश की तादाद काफी ज्यादा हो गयी हैं , यह खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है , अत:  नोट  बन्दी  कर  कैश लेस अर्थ व्यवस्था की तरफ जाना  जरुरी है , लेकिन नोट बन्दी को   दो साल भी पूरे नही हुए है,  ओर कैश का फ्लो नोट बन्दी के  पहले से भी बहुत आगे बढ़ गया है ! अब सवाल यह खड़ा होता हैं कि नोट बंदी के समय  सिस्टम में सिर्फ 7.8 लाख करोड़ की मुद्रा  चलन में थी , और  आज लगभग 19 लाख करोड़ की मुद्रा चलन में  आ चुकी है !   ऋण देने को लेकर बैंकों की चिंताएं बढ़ रही हैं ,और तरलता के कड़े हालात को लेकर चिंता का माहौल हैं ! डिजिटल पेमेंट भी   काफी  बढ़े हैं ? तो यह सारी मुद्रा कहा चली गयी हैं , क्या सारी मुद्रा फिर ब्लैक मनी में तो नही बदल  रही हैं !

'' मोदी के विकल्प के रूप में गडकरी का नाम '' !

राष्ट्रीय सेवक संघ कभी व्यक्तिवादी नहीं रहा न किसी व्यक्ति पर कभी निर्भर होगा , वो एक विचार धारा है ! और इसीलिए , मोदी की व्यक्तिवादी राजनीती , कारपोरेट जगत से गहरी दोस्ती संघ को रास नहीं आ रही , अपने राजनैतिक अंहकार के चलते जिस तरह मोदी ने एक और शिवसेना , अकाली ,नितीश से पल्ला झाड़ना शुरू किया वही दूसरी और संघ के अनुवांशिक संगठनों विश्वहिंदू परिषद , स्वदेशी मंच , वनवासी आश्रम ,बजरंग दल संस्कार भारती , कॉमन सिविल कोर्ट , हिन्दू राष्ट्रवाद ,आदि को लूप लाइन में डाल कमजोर कर दिया ! वो समय दूर नहीं जब मोदी अपनी लोकप्रियता के बल पर , देश के अन्य राजनैतिक दलों केसाथ साथ आर एस,एस के लिए भी चुनौती न बन जाये,और अमित शाह की प्रलोभनकारी राजनीती की चासनी संघ के स्वयं सेवको को आदर्श , राजनैतिक शुचिता सस्कार , निष्ठां हिन्दू राष्ट्रवाद ,देश प्रेम से दूर व्यक्तिवाद के करीब ले जाय ? इसलिये भावी नेतृत्व हेतु ,नितिन गडकरी को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है ?