मालवा के ब्राह्मणो के आदर्श चरित्र गृहस्थ संत राजनीतिक सूझबूझ और संभावनाओं के भविष्य द्रष्टा परम श्रदेय नारायणप्रसादजी शुक्ला ! भैय्या ! के द्वितीय पूण्य स्मरण दिवस पर हार्दिक श्रध्दा सुमन !!
निम्न मध्य्यम्वर्गीय परिवार में जन्मे नारायण भाई शेशव से यौवन तक एक सामन्य प्रवृत्ति के व्यक्ति थे ! लेकिन अपने विद्यार्थी जीवन में विश्व्विद्यालयिंन शिक्षा के दौरान १९५२ में नारायण भाई की अगुवाई में हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन में घटित गोलीकांड ने भैय्या को राजनीतिक व्यक्ति बना दिया ! उसके बाद इंदौर के महापौर प्रदेश सरकार में विधान सभा उपाध्यक्ष फिर गृह राज्य और सुचना प्रसारण मंत्री तक का निष्कलंक सफर रहा ! परम भगवती उपासक भैय्या की राजनीतिक सूझ बुझ का लोहा तत्कालीन राजनीती के बड़े बड़े दिग्गज भी मानते थे आपको राजनीती में ब्राह्मणवाद के प्रणेता के रूप में देखा जाता है ! तात्कालीन राजनीती के चाणक्य कहे जाने वाले पं द्वारकाप्रसादजी मिश्र आपसे पुत्रवत स्नेह रखते थे और शायद इसीलिए भैय्या की राजनीती शैली पं मिश्रजी से पूरी तरह प्रभावित रही ! उन्ही की भाँती भैय्या भी जीवनपर्यंत अप्रत्यक्ष रूप से राजनीती में अपना दखल बनाये रखते हुऐ अपने अनुयायियों को राजनीतिक उपलब्धियां उपलब्ध कराते रहे !! ऐसे संत ह्रदय भैय्या के पूण्य स्मरण दिवस १५ जून पर हार्दिक श्रंदाजलि !!
निम्न मध्य्यम्वर्गीय परिवार में जन्मे नारायण भाई शेशव से यौवन तक एक सामन्य प्रवृत्ति के व्यक्ति थे ! लेकिन अपने विद्यार्थी जीवन में विश्व्विद्यालयिंन शिक्षा के दौरान १९५२ में नारायण भाई की अगुवाई में हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन में घटित गोलीकांड ने भैय्या को राजनीतिक व्यक्ति बना दिया ! उसके बाद इंदौर के महापौर प्रदेश सरकार में विधान सभा उपाध्यक्ष फिर गृह राज्य और सुचना प्रसारण मंत्री तक का निष्कलंक सफर रहा ! परम भगवती उपासक भैय्या की राजनीतिक सूझ बुझ का लोहा तत्कालीन राजनीती के बड़े बड़े दिग्गज भी मानते थे आपको राजनीती में ब्राह्मणवाद के प्रणेता के रूप में देखा जाता है ! तात्कालीन राजनीती के चाणक्य कहे जाने वाले पं द्वारकाप्रसादजी मिश्र आपसे पुत्रवत स्नेह रखते थे और शायद इसीलिए भैय्या की राजनीती शैली पं मिश्रजी से पूरी तरह प्रभावित रही ! उन्ही की भाँती भैय्या भी जीवनपर्यंत अप्रत्यक्ष रूप से राजनीती में अपना दखल बनाये रखते हुऐ अपने अनुयायियों को राजनीतिक उपलब्धियां उपलब्ध कराते रहे !! ऐसे संत ह्रदय भैय्या के पूण्य स्मरण दिवस १५ जून पर हार्दिक श्रंदाजलि !!
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