Wednesday, 24 June 2020

ट्रम्प के फूट डालो राज करो के मंनसूबे सफल नही होंगे ।

                                                                                                               
मोदी की विदेश नीति पूरी तरह फैल चायना, नेपाल के बाद  अब ट्रम्प ने भी किया धोखा भारतीय प्रोफेशनल वीजा  निरस्तकर  करने से  पांच लाख  चालीस हजार युवा हुए बेरोजगार , इनमे  अधिकतर  वही है जो टाईम स्केअर  पर मोदी मोदी  चिल्ला रहे थे । और  इनके  पालक  लाखो  की  तादाद में हाल ही में सूरत में  ट्रम्प ट्रम्प चीला रहे थे । अफसोस इस बात का है  कि कम्पनियो ने इन्हें  बाहर नही किया , बल्कि राष्ट्रपति  ट्रम्प ने अपने चुनावी  फायदे के लिये  उनका वीजा निरस्त  कर उन्हें अमेरिका से बेदखल किया ,भारत  से  हिन्दू  मुस्लिम की राजनीति  की  सिख लेकर यूएस में   श्वेत  , अश्वेतो  को  डिवाइड करने  का षड्यंत्र ट्रम्प ने  किया लेकिन ये  धर्मभीरु  भारत नही है   दुनिया पर राज करने वाला समझदार  अमेरिका है , ट्रम्प के फुट डालो राज करो के मंसूबे  सफल नही होगी ।

Tuesday, 23 June 2020

 मोदी की विदेश नीति फेल उसके दोनों अभिन्न मित्रो ने धोखा दिया पहले चीन  और  अब ट्रम्प ने भी दिया घोखा प्रोफेशनल  भारतीय वीजा निरस्त कर  5 लाख 40हजार भारतीय युवाओ को बेरोजगार  किया , जो  टाईम  स्केअर पर चिल्लाते  नही थक रहे थे मोदी मोदी ।।

Saturday, 20 June 2020

राजा महाराज राज्यसभा पहुचे ,दलितों के उड़ गये तोते।

कांग्रेस ने जहाँ मप्र से परम्परागत दलित समाज और खासकर बलाई समाज को दी जाने वाली मप्र की राज्यसभा सीट  जिस पर  5 बार राधाकिशन मालवीय  काबिज रहे , दिग्गी  राजा को। देकर  साबित कर  दिया ,देश की राजनीति ,राजा , महाराजा  मीडिया और कारपोरेट  जगत की  कठपुतली है ,  इसमे आम लोगो की कोई अहमियत नही , और सोचो यदि बाबा साहब  आरक्षण नही दे जाते तो  दलित राज्यसभा  की तरह ही कभी विधान सभा या लोग सभा में भी नही पहुच पाते ।।

Tuesday, 16 June 2020

सिंधिया को हथियार बना मप्र भजपा में यलगार शुरू कर डाला ।

सारी दुनिया केरोना  से त्रस्त है, जबकि  देश की मोदी   सरकार बिहार बंगाल और मप्र के उप चुनाव में व्यस्त है ,मप्र  सरकार गिराने व अपनी बनाने में केरोना  को  नजरंदाज  कर डाला ,सारे देश  को संकट में धकेल डाला  माना देश मे  मोदी का विकल्प नही है , लेकिन मप्र में ये मुश्किल नही है । कमलनाथ की कार्यशैली ने हड़कम मचादी ,देश को एक नये क्रांतिकारी नेतृत्व  की झलक दिखा दी जिसने  मोदी शाह की 14 महीने में नीद  उडादी , उन्होंने  केरोना  के आतंक को नजरंदाज  कर डाला ,दिली के तख्त पर मंडराते दो  विकल्प  कमलनाथ ,और ज्योतिरादित्य सिंधिया को अमित शाह की कुटिल नीति ने कुचल डाला , और मोदी के बाद अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए सिंधिया को  हथियार बना मप्र भाजपा में भी यलगार   शुरू कर डाला ,।