सारी दुनिया केरोना से त्रस्त है, जबकि देश की मोदी सरकार बिहार बंगाल और मप्र के उप चुनाव में व्यस्त है ,मप्र सरकार गिराने व अपनी बनाने में केरोना को नजरंदाज कर डाला ,सारे देश को संकट में धकेल डाला माना देश मे मोदी का विकल्प नही है , लेकिन मप्र में ये मुश्किल नही है । कमलनाथ की कार्यशैली ने हड़कम मचादी ,देश को एक नये क्रांतिकारी नेतृत्व की झलक दिखा दी जिसने मोदी शाह की 14 महीने में नीद उडादी , उन्होंने केरोना के आतंक को नजरंदाज कर डाला ,दिली के तख्त पर मंडराते दो विकल्प कमलनाथ ,और ज्योतिरादित्य सिंधिया को अमित शाह की कुटिल नीति ने कुचल डाला , और मोदी के बाद अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए सिंधिया को हथियार बना मप्र भाजपा में भी यलगार शुरू कर डाला ,।
No comments:
Post a Comment