Sunday, 1 July 2018

मंदसौर वीभत्स घटना पर घड़ियाली आसूं ??

मंदसौर की वीभत्स घटना को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराजसिंह चौहान से स्तीफे की मांग कर केंडल मार्च का प्रभावी राजनैतिक प्रदर्शन किया ? वही भाजपा ने घड़ियाली आसूं दिखाते हुए संभागायुक्त को ज्ञापन दे एक माह में  फैसला कर आरोपी को फांसी देने की मांग की / लेकिन राजनेता पत्ते डाली गिनने के बजाय जड़ पर वार क्यों नहीं करते  , , ऐसी वीभत्स घटनाओ की पुनरावर्ती न हो इसका हल क्यों नहीं खोज पाते , सजा किसी अपराध को रोकने का विकल्प नहीं ,अपराध के कारण और उसके लिए उपजी मनोवृति को रोकना प्रभावी प्रतिबंध होगा ?
सारी बुराईयो अपराधों की जननी नशा है तो एक स्वर में पूर्ण नशाबंदी की मांग क्यों नहीं उठाई जाती , महिलाओ पर अत्याचार ,उत्पीड़न की डिगे हांकने वाली संस्थाए क्यों इसके लिए प्रभावी जन आंदोलन खड़ा नहीं करती , क्या शराब से मिलने वाले आबकारी टेक्स के बिना सरकार नहीं चलाई जा सकती नितीश से सबक ले ? शिवराज पंद्रह साल के साशन के बाद चाहकर भी ब्यूरोकेट्स के दबाव के चलते पुलिस कमिश्नरी और नशाबंदी नहीं कर पाये , यह उनकी व् भाजपा सरकार की बड़ी असलता है ./
शेम शेम शेम ? ? ? ?



Wednesday, 13 June 2018

 परम् आदरणीया  अमृतासिहजी ,                                                                                                                                                        आधुनिक विचारो वाली एक पत्रकार  होते  ,हुए भी   आपने   एक सच्ची भारतीय नारी  की तरह नर्मदा  परिक्रमा में  साथ निभाया ,  नारी जाती का  गौरव बढ़ाया , इस यात्रा  से  जुड़े  यादगार  स्मरण होंगे , हमे आपको  जानने की उत्सुकता है .,आपके सहज सरल स्वभाव  आत्मीय व्यवहार के बारे में बहुत सूना है ?

                  अत:   हमारा आपसे  अनुरोध  है कि , इंदौर में  देश के सबसे विशाल और  23 राज्यों में विस्तारित  ब्राह्मण संगठन ,जिसका  नाम वर्ड  बुक  आफ  रेकार्ड  में दर्ज है , के तत्वाधान में आयोजित '' सवर्ण  ब्राह्मण  महिला  संसद ''   का  शुभारम्भ  आपके  मुख्य आतिथ्य  में  सम्पन हो ,  आप  स्वयं पत्रकार है   समाज  का मार्गदर्शन  करना आपका धर्म  है /    आपने तो   नर्मदा  परिक्रमा  में   समाज   कि   महिलाओ की कठिनाईयो  को  बहुत  नजदीक से  महसूस  किया है   / आपके  प्रेरक  विचार   सदन को   नई दिशा  देंगे /   
कार्यक्रम ,की सम्पूर्ण रूप रेखा   विस्तार सहित  प्रेषित  है /
कृपया समय प्रदान करे /                              


                                                                                                                     आपके दर्शनाअभिलाषी

Tuesday, 12 June 2018

11 प्रदेश में पूर्ण नशाबंदी ?

   .  प्रदेश में पूर्ण नशाबंदी ?
  प्रदेश में  अमन चेन  शान्ति   परिवार   में  खुशहाली, और  इससे रोज हो रहे  ,लड़ाई  झगड़े सड़क एक्सीडेंट में भी  `कमी  आएगी  तथा   आये दिन   नशे के  वशीभूत  वहशी दरिंदो  द्वार  नाबालिक बच्चियों के साथ बालत्कार  की घटनाओ में रोक लगेगी ,अध्यक्षजी  सार्वजनिक शराबीयो  की   पत्निया  और  माँ    अपने आपको समाज और परिवार में  बहुत  गिल्टी   महसूस करती है  जैसे वो कोइ अपराधी हो  उनका सर  शर्म से झुक जाता हे , शराब आदमी  पीता है लेकिन  शराब ,  शराबी   की  पत्नी और परिवार का   खून का पानी कर  देती   है ,  कितनी  वेदना मानसिक प्रताड़ना  से गुजरते हे शराबी पके परिवार वाले है   , इसलिए मेरा अनुरोध  है  , यह सदन  प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी के  पक्ष  में   करतल ध्वनि से  अपना  समर्थन दे   /

10 महिलाओ को पैतृक सम्पति में अधिकार पाने हेतु विशेष न्यायालय गठन करने की मांग ?

 पैतृक सम्पति में अधिकार पाने हेतु विशेष न्यायालय गठन करने की मांग  और इस विषय में सामाजिक सोच में बदलाव ?
अध्यक्ष महोदय ,
महिलाओ के सम्मान और अधिकारों के लिये समय समय पर  विभिन्न नियम  कानून  बनाये गए लेकिन उनका सही क्रियान्वयन नहीं होने से  महिलाओ को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा , जैसे  महिलाओ को  पैतृक सम्पति में  पुरुष  वारिस  के सामान बराबरी का अधिकार तो  है ,  लेकिन  उसको पाने हेतु एक बहन अपने भाईयो के खिलाफ   न्यायालय का दरवाजा खटखटाये तो  सिविल कोर्ट , हाईकोर्ट , सुप्रीम कोर्ट  तक जाए तो सारी उम्र  बीत  जाये '' हाथ पल्ले कुछ नहीं आये  और  ईश्वर  प्रदत्त  रिश्ता भी  गँवाय। 
इसलिये  हमारी गुजारिश  है , पैतृक  सम्पति संबंधी  विवादों और बटवारे हेतु विशेष न्यायालय गठित किये जाये  फेमिकी कोर्ट की तरह पहले सम्बंधित  पक्षों की कॉन्सलिंग हो ,  और समझौता नहीं होने की स्तिथि में फास्ट्रैक कोर्ट में इनका तत्काल फैसला हो ,  साथ ही अपने  जन्मसिध्द  अधिकार हेतु संधर्ष करने वाली महिलाओ के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा ,उनके क्रन्तिकारी कदम की सराहना करना होगी उन्हें प्रोत्साहित करना होगा ?
 

9 - महिलाओ को मुखाग्नि देने, सारे उत्तर कार्य , कर्मकांड तर्पण आदि करने का अधिकार

  - महिलाओ को   मुखाग्नि देने,  सारे उत्तर कार्य , कर्मकांड  तर्पण  आदि करने का अधिकार  समाज को स्वीकार्य  हो क्योकि ,  अध्यक्ष  महोदय  आजकल  चाहे लड़का हो या लड़की एक ही   बच्चा  पालने की क्षमता  नई पीढ़ी में शेष  है ,और जब लड़का लड़की सब बराबर  है, तो अभिभावकों का उत्तरकार्य करने का लड़कियों को ससम्मान अधिकार हो। 

ब्राह्मण महिला संसद में कई विशिष्ठ महिला नेत्रीयां भाग ?

    राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अलका अग्निहोत्रीजी के अनुमोदन तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे के निर्देशन पर इंदौर शहर अध्यक्ष -श्रीमती बबिता शर्मा तथा प्रदेश महामंत्री मंजू चतुर्वेदी  दवारा सरकार के स्वर्ण ब्राह्मण विरोधी रवइये,और लगातार स्वर्ण महिलाओ की उपेक्षा के कारण विवश हो , राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा ने ''' स्वर्ण ब्राह्मण महिला संसद '' इंदौर में आयोजित करने का निर्णय लिया है , इसके पीछे कोइ राजनीती स्वार्थ नहीं है , बल्कि ब्राह्मण महिलाओ में जागृति और चेतना जगाने हेतु यह समय की मांग है , हमारा आव्हान है की देश के जातिवादी राजनैतिक दलदल में स्वर्ण ब्राह्मण समाज अपनी भूमिका प्रदेश में सरकार बनाने और बिगाड़ने में दिखाये और इस हेतु महिलाये आगे आकर मोर्चा संभाले अन्यथा स्वर्ण , ब्राह्मण हर स्तर पर नजरंदाज किये जाने लगे है ? चाहे फिर कोई ब्राह्मण कहीं पर भी हो उसे एक बार अपनी संगठित शक्ति का अहसास करना पड़ेगा , वरना ब्राह्मण अपना सामान खो देंगे ! वंदन चंदन करके थोड़े दिन आगे पीछे दौड़ भी लिये तो ज्यादा देर टिक कहाँ पाओगे हमारी जनरेशन अगड़े ,पिछड़े दलित मुस्लिम के बिच पीस कर रह जायेगी / सरकार की  वोट कबाड़ने के लिये  की गयी हर घोषणा और   योजना का खामियाजा कब तक स्वर्ण , ब्राह्मण मध्यम वर्गीय भुगतेंगे ? और जिसके कारण सबसे ज्यादा कठिनाई और तनाव हम महिलाओ को सहन करना पड़ता , अमीर को फर्क नहीं पड़ता , गरीब योजना के लाभ से मस्त  1 रु किलो गेहूं 2 किलो चावल 35 लीटर घासलेट बेचकर दारु पि रहा ,अधिकारी योजनाओ के क्रियान्वयन में मदमस्त ,मध्यमवर्गीय   जबरन   भुगते सरकारी वसूली  18 प्रकार के टेक्स उसके बाद पेट्रोल ,डीजल, गैस , बिजली ,पानी , मंहगाई, सामर्थ्य से ज्यादा मंहगी बच्चो की पढ़ाई ,फिर भी बेरोजगारी , पकोड़े   तलने  की नौबत आ गयी / ?
इसलिये अलग अलग बिखर कर ख़त्म होने से एक बार संगठित हो संकल्प ले, की जो मध्यमवर्गीय की बात करेगा , '' सम्मान से स्वर्ण ब्राह्मण को साथ लेगा ब्राह्मण उसी के साथ चलेगा '' ! वरना हम ब्राह्मणो को धार्मिकता के कारण संदेह की द्द्ष्टि से भी देखा जाता है , इस बात का भी हमे प्रमाण देना होगा की हम किसी धार्मिक राजनैतिक पार्टी के पिच्छेलगु नही है हमारा भी वजूद है, इस हेतु प्रदेश के विभिन्न प्रांतो से वहां के स्थानीय उपवर्गीय जातिगत संगठनो से इन सब बातो पर एक मत हो आगे की रूपरेखा तय करने हेतु , स्वर्ण ब्राह्मण महिला संसद का आयोजन किया जा रहा है ,   जिसमे स्वर्ण समाज की कई ख्यातनाम राजनैतिक महिला शख्सियत भाग लेनी वाली है /
अन्य जो ब्राह्मण महिला अपने विचार , प्रस्ताव रखना या कार्यक्रम में सम्मिलित होना चाहे ,वे महिला संसद प्रभारी  बबिता शर्मा  से मो 9340772394 तथा धीरज दुबे एड से मो 9893628279 पर सम्पर्क करे /अन्य प्रांतो से पधारने वाले महिला पदाधिकारी , प्रतिनिधि के आतिथ्य का पूर्ण इंतजाम इंदौर इकाई द्वारा किया गया है /

Monday, 11 June 2018

8 - प्रायवेट सेक्टर में आरक्षण पदान करने का पूर्ण बहिष्कार ?

 प्रायवेट सेक्टर में   आरक्षण पदान करने का पूर्ण बहिष्कार   किया जाना चाहिये , क्योकि  सरकार  की तुष्टिकरण की नीतियों से  स्वर्ण बच्चो  ने  शाशकीय  नौकरी की उम्मीद छोड़ ही दी है , अध्यक्ष  महोदय , एक मध्य्यमवर्गीय  परिवार अपना पेट काटकाट कर बच्चो को    काबिल बनाता है  ताकी अपनी योग्यता के आधार पर वह कुछ कर सके , क्योकि  पड़ना और नौकरी करना स्वर्ण ब्राह्मण  परिवारों की युवा पीढ़ी का   मुख्य जीविकापार्जन का साधन है , यदि प्रायवेट सेक्टर में भी हमारी  युवा तरुणाई  को निराशा और हताशा  ही हाथ लगेगी तो   वे टूट जायेगे ,और यह हम अभिभावकों के लिए घोर चिंता का विषय है  जिस पर विचार करना आवश्यक है।