Wednesday, 1 July 2020

6 साल , हिन्दू ,मुसलमान, पाकिस्तान ,गाय और गोबर में चले गये ।

कड़वा सच ।।
सिर्फ हिन्दू ,मुसलमान करने से कुछ नही होगा , इसकी आड़ में जो हो रहा  देखो पड़ो समझो ,

मोदी सरकार का 6  साल  का कच्चा चिट्ठा ,,,,,,,,,
मोदी जी के P.M बनने के बाद पड़ोसी राष्ट्रों को जो खैरात बांटी थी और फिजूलखर्ची का लेखा-जोखा.*...
 भूटान को 10,000 करोड  मंगोलिया को 70,000 करोड'
 बांग्लादेश को 15,000 करोड मोरेसीयस को 5,000 करोड नेपाल और आफ्रिकी देशो मे 39 अरब

सरदार स्टेच्यू के लीये 3000 करोड

 उद्योगपतियों का ऋण माफ 5 लाख 55 हजार करोड
 मोदी की विदेश यात्राओं का ख़र्च 3500 करोड से ज्यादा
 BJP का मुख्यालय का ख़र्च 1350 करोड

मोदी और BJP के विज्ञापन प्रति वर्ष 1200करोड़ ×6वर्ष =₹7200 करोड से भी ज्यादा

 मोदी की सुरक्षा में 24 घंटे का खर्च 1 करोड़ 62 लाख रुपये है। यानी एक साल का 591 करोड़ 30 लाख रुपये
 USA प्रेसिडेंट ट्रम्प के स्वागत के लीये 180 करोड

मोदी का पूरा रिपोर्ट कार्ड*(अगर गलत लगे तो गुगल पर जाकर देख लेना)
आप यह देखकर चौंक जाएंगे कि पिछले 6 वर्षों में भारत कैसे बदल गया है,

 1  भारत में पहले से ही  उच्चतम बेरोजगारी दर है । और  अब  भयावह  होने वाली है ।
 भारतीय सैनिकों की  शहीद की संख्या 30 वर्षों में सबसे अधिक है ।
भारत में अब 80 वर्षों में सबसे अधिक आय असमानता है (क्रेडिट सुइस रिपोर्ट)
 महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे खराब देश बन गया है ।
इस बार भारतीय किसानों को पिछले 18 साल में सबसे खराब कीमत का सामना करना पड़ा है ।
भारत अब विश्व का दूसरा सबसे असमानता वाला देश है , गरीब मध्यमवर्गीय  दिन पर दिन गरीब और अमीर दिन प्रतिदिन अमीर हो रहा ।
भारतीय रुपया अब एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन वाली मुद्रा है।
भारत के इतिहास में पहली बार, CBI बनाम CBI, RBI बनाम Govt, SC बनाम Govt के झगड़े इसलिए हुए क्योंकि मोदी , शाह सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर नियंत्रण चाहते हैं।

   भारत के इतिहास में पहली बार, सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ”लोकतंत्र खतरे में है, हमें काम नही करने दिया जा रहा”
 पिछले 70 सालों में असहिष्णुता और धार्मिक अतिवाद सबसे ज्यादा है
 भारतीय मीडिया  अब तक के वर्षों में सबसे निचले पायदान पर।
  भारत के इतिहास में पहली बार, अगर आप मोदी सरकार की आलोचना करते हैं, तो आप पर  देशद्रोही का लेबल लगता है जो की बहुत शर्मनाक है।
देश को खड़ा करने मे मोदी का किसी भी तरह का दो कौड़ी का भी योगदान नही है,।   मोदी की सुरक्षा में 24 घंटे का खर्च 1 करोड़ 62 लाख रुपये है। यानी एक साल का 591 करोड़ 30 लाख रुपये।
आज *"चोर" और "चौकीदार" की बहस के बीच रोज़ी-रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भ्रष्टाचार, कालाधन, नोटबंदी, रोजगार, महंगाई आदि सभी मुद्दें उड़न छू हो गये हैं।
लेकिन ये तय है कि जब देश को बर्बाद करने वालों की सूची तैयार होगी तब इन दो वर्गों का नाम सबसे ऊपर होगा:-
1.बिकाऊ मीडिया
2. मूर्ख अंधभक्त

मोदी राज में बेच दिए गये ???

लाल किला बिक गया...
 रेलवे स्टेशन बिक गये...
 एयरपोर्ट बिक गये ... कोयले की खदानें बिक गयी ... रेलगाड़ी बिक गयी ...बन्दरगाह बिक गये ।।...
…....................................................................................

बेचने की तैयारी
● LIC बिकेगी ...
● IDBI बिकेगी ...
● एयर इंडिया बिकेगी ...
● BSNL बिकेगा ...
● ONGC बिकेगी ...
● Indian Oil बिकेगा ...
● HPCL बिकेगा ...
.............................................................................साहब कहते थे देश नहीं बिकने दूंगा और अब तो बस देश का नाम ही बचा है । बेचना बहुत आसान काम है पर इस सरकार नें एक भी सार्वजनिक उपक्रम बनाया हो कोई बता सकता है ??
क्या ऐसी व्यापारी  सरकार जनता के हित में है ???
     जनता को गम्भीरता से सोचना होगा ???                                        इस सरकार की  खास विशेषता  यह  है कि  हिन्दू मुसलमान, गाय  गोबर  और  पाकिस्तान  का  राग  अलापते 6 साल कैसे कट गये पता ही नहीं चला ।

Wednesday, 24 June 2020

ट्रम्प के फूट डालो राज करो के मंनसूबे सफल नही होंगे ।

                                                                                                               
मोदी की विदेश नीति पूरी तरह फैल चायना, नेपाल के बाद  अब ट्रम्प ने भी किया धोखा भारतीय प्रोफेशनल वीजा  निरस्तकर  करने से  पांच लाख  चालीस हजार युवा हुए बेरोजगार , इनमे  अधिकतर  वही है जो टाईम स्केअर  पर मोदी मोदी  चिल्ला रहे थे । और  इनके  पालक  लाखो  की  तादाद में हाल ही में सूरत में  ट्रम्प ट्रम्प चीला रहे थे । अफसोस इस बात का है  कि कम्पनियो ने इन्हें  बाहर नही किया , बल्कि राष्ट्रपति  ट्रम्प ने अपने चुनावी  फायदे के लिये  उनका वीजा निरस्त  कर उन्हें अमेरिका से बेदखल किया ,भारत  से  हिन्दू  मुस्लिम की राजनीति  की  सिख लेकर यूएस में   श्वेत  , अश्वेतो  को  डिवाइड करने  का षड्यंत्र ट्रम्प ने  किया लेकिन ये  धर्मभीरु  भारत नही है   दुनिया पर राज करने वाला समझदार  अमेरिका है , ट्रम्प के फुट डालो राज करो के मंसूबे  सफल नही होगी ।

Tuesday, 23 June 2020

 मोदी की विदेश नीति फेल उसके दोनों अभिन्न मित्रो ने धोखा दिया पहले चीन  और  अब ट्रम्प ने भी दिया घोखा प्रोफेशनल  भारतीय वीजा निरस्त कर  5 लाख 40हजार भारतीय युवाओ को बेरोजगार  किया , जो  टाईम  स्केअर पर चिल्लाते  नही थक रहे थे मोदी मोदी ।।

Saturday, 20 June 2020

राजा महाराज राज्यसभा पहुचे ,दलितों के उड़ गये तोते।

कांग्रेस ने जहाँ मप्र से परम्परागत दलित समाज और खासकर बलाई समाज को दी जाने वाली मप्र की राज्यसभा सीट  जिस पर  5 बार राधाकिशन मालवीय  काबिज रहे , दिग्गी  राजा को। देकर  साबित कर  दिया ,देश की राजनीति ,राजा , महाराजा  मीडिया और कारपोरेट  जगत की  कठपुतली है ,  इसमे आम लोगो की कोई अहमियत नही , और सोचो यदि बाबा साहब  आरक्षण नही दे जाते तो  दलित राज्यसभा  की तरह ही कभी विधान सभा या लोग सभा में भी नही पहुच पाते ।।

Tuesday, 16 June 2020

सिंधिया को हथियार बना मप्र भजपा में यलगार शुरू कर डाला ।

सारी दुनिया केरोना  से त्रस्त है, जबकि  देश की मोदी   सरकार बिहार बंगाल और मप्र के उप चुनाव में व्यस्त है ,मप्र  सरकार गिराने व अपनी बनाने में केरोना  को  नजरंदाज  कर डाला ,सारे देश  को संकट में धकेल डाला  माना देश मे  मोदी का विकल्प नही है , लेकिन मप्र में ये मुश्किल नही है । कमलनाथ की कार्यशैली ने हड़कम मचादी ,देश को एक नये क्रांतिकारी नेतृत्व  की झलक दिखा दी जिसने  मोदी शाह की 14 महीने में नीद  उडादी , उन्होंने  केरोना  के आतंक को नजरंदाज  कर डाला ,दिली के तख्त पर मंडराते दो  विकल्प  कमलनाथ ,और ज्योतिरादित्य सिंधिया को अमित शाह की कुटिल नीति ने कुचल डाला , और मोदी के बाद अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए सिंधिया को  हथियार बना मप्र भाजपा में भी यलगार   शुरू कर डाला ,।

Monday, 16 March 2020

सिंधिया मप्र भाजपा का चेहर होंगे !

सिंधिया  मप्र  भाजपा  का चेहर होंगे  आगामी  विधान सभा चुनाव के बाद  आश्चर्य नही ज्योतिरादित्य ,मुख्यमंत्री की कुर्सी  पर आसीन हों क्योकि ,  मोदी,  शाह   अपनी नई   टीम  तैयार  करने में जुटे हे , मप्र  में जहाँ  शिवराजसिंह को अमित शाह  पसंद नहीं करते, वही कैलाश  विजयवर्गीय  मोदी को पसंद नहीं , ऐसे में महाराज को  नई आशा और उम्मीद के साथ  मोदी शाह लाये हे मप्र भाजपा के  नेतृत्त्व  के लिये !!
अग्रिम बधाई।।

Sunday, 15 March 2020

जब राजनीती में वफादारों की चर्चा होगी तो तुलसीराम सिलावट का नाम आयेगा !

  जब  जब  राजनीती  में वफादारों  की चर्चा होगी तो  तुलसीराम  सिलावट [ पहलवान ]  का नाम  बड़े  आदर्श  के साथ  लिया जाएगा ! तुलसी भैय्या  अपने राजनैतिक कॅरियर  में  छात्र  राजनीती  से ही  अपनी वफादारी के कारण   नेतृत्व से  संधर्षशील ही  रहे  है  !   हे !